पूर्वजों की पुण्यभूमि पर आत्मा को छू लेने वाली एक अविस्मरणीय यात्रा…

पूर्वजों की पुण्यभूमि पर आत्मा को छू लेने वाली एक अविस्मरणीय यात्रा…

कल का दिन मेरे जीवन में एक ऐसा अध्याय बन गया जिसे शब्दों में बांध पाना शायद संभव नहीं। अपने आदरणीय पिताजी और छोटे भाई श्री पंकज पाण्डेय जी के साथ जब हम सब अपने पूर्वजों की जनपद गोरखपुर के ग्रामसभा चारपानी बुज़ुर्ग की पावन भूमि पर पहुँचे, तो ऐसा लगा मानो वर्षों से बिछड़ा…